पिहोवा के विक्की अरोड़ा की अमेरिका में मौत: दिवाली पर बनने वाला था दूल्हा, 15 दिन बाद ताबूत में पहुंचा घरपिहोवा के विक्की अरोड़ा की अमेरिका में मौत: दिवाली पर बनने वाला था दूल्हा, 15 दिन बाद ताबूत में पहुंचा घर

जिस घर में दिवाली पर बेटे के लौटने की तैयारी थी, वहां कुछ ही दिनों बाद ताबूत पहुंचा। 12 साल से अमेरिका में रह रहे पिहोवा के 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा को परिवार दूल्हे के रूप में देखने का इंतजार कर रहा था। पिता बेटे के लिए रिश्ता तलाश रहे थे। लेकिन अमेरिका के ओहायो में हुए सड़क हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। करीब 15 दिन बाद जब विक्की घर लौटा तो अपने पैरों पर नहीं, बल्कि ताबूत में।

पिहोवा के विक्की अरोड़ा की अमेरिका में मौत: दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं

पिहोवा। पिहोवा के विक्की अरोड़ा की अमेरिका में मौत ने कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा करीब 12 साल से अमेरिका में रह रहे थे और परिवार को लंबे समय से उनके घर लौटने का इंतजार था। इस बार परिवार के लिए दिवाली खास होने वाली थी। विक्की के भारत लौटने की उम्मीद थी और पिता कश्मीरी लाल बेटे की शादी के लिए रिश्ते तलाश रहे थे। घर में शादी की बातचीत चल रही थी और परिवार बेटे को दूल्हे के रूप में देखने का सपना संजो रहा था। लेकिन 17-18 सितंबर की रात अमेरिका के ओहायो में हुए सड़क हादसे ने परिवार की जिंदगी बदल दी।

करीब 15 दिन बाद रविवार को विक्की का शव पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी स्थित घर पहुंचा। जिस घर में कुछ दिन पहले बेटे के स्वागत और उसकी शादी की तैयारियों की चर्चा हो रही थी, उसी घर में ताबूत पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू समेत परिजन गम में डूब गए। बाद में भाई सोनू ने विक्की को मुखाग्नि दी।

12 साल बाद घर लौटने की थी तैयारी

विक्की अरोड़ा लंबे समय से अमेरिका में रह रहे थे। परिवार के लिए उनका भारत लौटना किसी त्योहार से कम नहीं था। करीब 12 साल बाद घर आने की खबर ने पिता कश्मीरी लाल और परिवार के दूसरे सदस्यों को उत्साहित कर दिया था।

परिवार को उम्मीद थी कि दिवाली के आसपास विक्की घर पहुंचेंगे। वर्षों से दूर रहने के बाद बेटे के घर आने की खुशी के साथ परिवार ने उसकी शादी के बारे में भी सोचना शुरू कर दिया था।

विक्की के चाचा राजकुमार के मुताबिक, पिता कश्मीरी लाल बेटे को दूल्हे के रूप में देखने की इच्छा रखते थे। इसी वजह से परिवार और रिश्तेदारों के बीच शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। रिश्ते देखने और शादी की तैयारियों को लेकर योजनाएं बन रही थीं।

लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस बेटे की वापसी का इंतजार किया जा रहा है, उसका घर लौटना परिवार के लिए जिंदगी का सबसे दुखद दिन बन जाएगा।

एक हादसे ने बदल दी पूरी कहानी

17-18 सितंबर की रात अमेरिका में हुए सड़क हादसे की खबर जब परिवार तक पहुंची तो किसी को पहले विश्वास नहीं हुआ।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, विक्की ट्राला/सेमी-ट्रक लेकर हाईवे से गुजर रहे थे। इसी दौरान सड़क पर एक अन्य ट्रक के हादसे के बाद स्थिति बिगड़ी और विक्की का वाहन भी दुर्घटना की चपेट में आ गया। Ohio State Highway Patrol की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, I-70 पर Clark County में कई वाहनों से जुड़ा हादसा हुआ था। प्रारंभिक जांच के अनुसार एक ट्रैक्टर-ट्रेलर पहले नियंत्रण खोकर कंक्रीट मीडियन बैरियर से टकराया और उसके बाद पीछे आ रहे विक्की के वाहन की भी टक्कर हुई। WHIO TV 7 and WHIO Radio

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार विक्की का वाहन कंक्रीट बैरियर से टकराने के बाद वह वाहन से बाहर निकलकर नीचे रेलवे ट्रैक की ओर जा गिरे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। Jagran

गलत दिशा से आए वाहन को बचाने की कोशिश का जिक्र

परिजनों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया कि विक्की जिस दिशा में जा रहे थे, उसी दौरान सामने से गलत दिशा में आए दूसरे ट्राले को बचाने की कोशिश में स्थिति बिगड़ी। इसके बाद उनका वाहन कंक्रीट बैरियर से टकरा गया।

हालांकि हादसे की विस्तृत परिस्थितियों की आधिकारिक जांच अलग से चलती है। Ohio State Highway Patrol ने भी घटना की जांच जारी रहने की बात कही थी। इसलिए हादसे के कारणों से जुड़े सभी विवरणों को अंतिम जांच रिपोर्ट के साथ ही देखा जाना चाहिए। WHIO TV 7 and WHIO Radio

20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर गिरा था विक्की

परिजनों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार टक्कर के बाद विक्की वाहन से बाहर निकलकर करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन की तरफ जा गिरे थे। उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

यह हादसा परिवार के लिए इसलिए भी बेहद दर्दनाक था क्योंकि कुछ दिन पहले तक घर में विक्की की वापसी की चर्चा थी। पिता शादी के लिए रिश्ते तलाश रहे थे और परिवार को उम्मीद थी कि दिवाली के आसपास वर्षों बाद बेटा घर आएगा।

लेकिन हादसे की खबर ने इस इंतजार को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया।

रूममेट ने परिवार को दी हादसे की सूचना

विक्की की मौत की खबर अमेरिका में उनके रूममेट हैप्पी के जरिए परिवार तक पहुंची। खबर मिलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई।

शुरुआत में परिजनों के लिए इस खबर पर विश्वास करना मुश्किल था। परिवार ने अमेरिका में रहने वाले परिचितों और दोस्तों से जानकारी जुटाई। जब हादसे की पुष्टि हुई तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

विक्की के घर लौटने का इंतजार कर रहे पिता कश्मीरी लाल के लिए यह खबर बेहद सदमे वाली थी।

करीब 15 दिन बाद पिहोवा पहुंचा शव

अमेरिका में हादसे के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया में करीब 15 दिन लग गए। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक रविवार को विक्की का शव पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी स्थित घर पहुंचा।

ताबूत घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। जिन रिश्तेदारों से कुछ समय पहले शादी की तैयारियों को लेकर चर्चा हो रही थी, वही अब अंतिम संस्कार के लिए जुटे थे।

घर में न बैंड था, न शादी की तैयारी और न ही दिवाली की रौनक। वहां सिर्फ रोते-बिलखते परिजन थे।

तीन साल पहले मां की भी हो चुकी है मौत

विक्की के परिवार पर दुखों का यह पहला पहाड़ नहीं है। करीब तीन साल पहले उनकी मां राजरानी का निधन हो चुका था।

अब परिवार में पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू ही रह गए हैं। ऐसे में विक्की की मौत ने परिवार को और गहरे सदमे में डाल दिया।

पिता के लिए बेटे की मौत को स्वीकार करना बेहद मुश्किल है। जिस बेटे के घर लौटने का वर्षों से इंतजार था, वह आखिरकार लौटा, लेकिन जिंदगी की जगह ताबूत में।

दोस्तों ने शव भारत लाने में की मदद

विक्की के निधन के बाद अमेरिका में रहने वाले उनके दोस्तों और परिचितों ने भी परिवार की मदद के लिए अभियान चलाया। स्थानीय रिपोर्टों में करीब 20 लाख रुपये जुटाए जाने की बात कही गई है, जिससे शव को भारत लाने की प्रक्रिया में मदद मिली।

ऑनलाइन उपलब्ध एक GoFundMe fundraiser भी विक्की की मौत के बाद दोस्तों की ओर से शुरू किया गया था। उसमें बताया गया कि विक्की पिहोवा, हरियाणा से अमेरिका गए थे और उनके परिवार की मदद के लिए fundraising की जा रही थी।

यह पहल बताती है कि विदेश में रहने के बावजूद विक्की ने अपने आसपास के लोगों के बीच रिश्ते बनाए थे। उनके दोस्तों के लिए भी यह अचानक हुई मौत बड़ा सदमा थी।

दिवाली से पहले घर पहुंची सबसे दुखद खबर

दिवाली भारतीय परिवारों के लिए खुशियों, मिलन और घर वापसी का त्योहार माना जाता है। विक्की के परिवार के लिए भी इस बार दिवाली लंबे इंतजार के बाद खुशी लेकर आने वाली थी।

12 साल बाद बेटा घर लौटने वाला था।

पिता शादी की तैयारी के बारे में सोच रहे थे।

रिश्तेदारों से बातचीत हो रही थी।

लेकिन त्योहार से पहले ही घर में मातम छा गया।

दिवाली पर जिस बेटे के स्वागत की तैयारी होनी थी, उसी बेटे का अंतिम संस्कार करना पड़ा।

यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक पहलू है।

पिता का सपना अधूरा रह गया

कश्मीरी लाल अपने बेटे को दूल्हे के रूप में देखना चाहते थे। बेटे के लिए रिश्ता तलाशना इसी सपने की शुरुआत थी।

परिवार को लग रहा था कि वर्षों बाद बेटा घर आएगा, रिश्तेदार जुटेंगे और शादी की तारीख तय होगी। शायद घर में जल्द ही शहनाई बजेगी।

लेकिन अब वही परिवार उस बेटे की तस्वीर के सामने बैठकर उसे याद कर रहा है।

विक्की की उम्र सिर्फ 34 साल थी। जीवन में आगे बढ़ने, परिवार बसाने और पिता का सपना पूरा करने के लिए उसके सामने पूरा जीवन था।

एक सड़क हादसे ने इन सभी उम्मीदों को खत्म कर दिया।

अमेरिका में सड़क हादसे ने फिर उठाए प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के सवाल

विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए सड़क हादसे कोई नई चुनौती नहीं हैं। ट्रक ड्राइविंग जैसे काम में लंबे समय तक सड़क पर रहना, भारी वाहनों को संभालना और हाईवे पर अचानक होने वाली दुर्घटनाओं का सामना करना जोखिम बढ़ा सकता है।

विक्की भी अमेरिका में ट्राला/सेमी-ट्रक चलाते थे। इस हादसे के बाद उनका परिवार ही नहीं, बल्कि अमेरिका में रहने वाले उनके परिचित और पिहोवा के लोग भी सदमे में हैं।

ऐसे हादसे यह भी याद दिलाते हैं कि विदेश में काम करने वाले लोगों के परिवारों के लिए हर फोन कॉल कितनी बड़ी चिंता लेकर आ सकती है।

जांच अभी महत्वपूर्ण कड़ी

Ohio State Highway Patrol की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा Clark County में Interstate 70 पर हुआ था और इसमें कई वाहन शामिल थे। पुलिस ने घटना की जांच जारी रखी।

इसलिए हादसे की पूरी जिम्मेदारी, दुर्घटना का अंतिम कारण और अन्य कानूनी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगा।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि शुरुआती प्रत्यक्षदर्शी या पारिवारिक जानकारी और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों में अंतर हो सकता है। जिम्मेदार पत्रकारिता के तहत अंतिम जांच रिपोर्ट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

जिस घर में शादी की चर्चा थी, वहां अब सन्नाटा

पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी में विक्की का घर अब उस इंतजार की कहानी कह रहा है जो 12 साल तक चला।

परिवार को उम्मीद थी कि बेटा आएगा।

दिवाली पर घर रोशन होगा।

रिश्तेदार जुटेंगे।

शादी की तारीख तय होगी।

पिता बेटे को दूल्हे के रूप में देखेंगे।

लेकिन रविवार को घर में ताबूत पहुंचा।

भाई सोनू ने अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।

और एक पिता का वह सपना, जिसे वह वर्षों से अपने दिल में संजोए हुए था, हमेशा के लिए अधूरा रह गया।